ब्याज का धंधा कैसे करें, गिरवी नामा कैसे लिखे, Agreement Format Hindi

ब्याज पर पैसे देने का व्यापार काफी पुराना है जिसमे आपको बिना मेहनत किये मुनाफा मिलता है. इस व्यापार को बैंक, फाइनेंस कंपनी और आमिर लोग करते है क्योंकी यह वो काम है जिसमे आपको मेहनत नहीं करनी पढ़ती. ब्याज के व्यापार की सबसे अच्छी बात यह है की इसे कोई भी कर सकता है. क्योंकी ब्याज के व्यापार में कोई रकम फिक्स नहीं होती, की, आपके पास इतने रूपए होने चाहिए ब्याज का व्यापार करने के लिए.

लेकिन फिर भी इस व्यापार के अपने फायदे नुकसान है और कुछ नियम भी तो चलिए इस पोस्ट में  जानते है की ब्याज का धंधा कैसे करें और गिरवी नामा कैसे लिखे. बिना मेहनत किये इसमें मुनाफा कैसे कमाए.

Byaj Ka Business Kaise Kare In Hindi
Byaj Ka Business Kaise Kare In Hindi

ब्याज का धंधा कैसे करें

ब्याज का बिज़नेस करने का सबसे पहला नियम है की आपके पास ब्याज पर पैसे देने के लिए इतने रूपए होने चाहिए ताकि आप अगर किसी और को वो रूपए उधार दे तो आपको कोई परेशानी न हो. क्योंकी जब भी कोई व्यक्ति आपसे रूपए ब्याज पर उधार लेता है. तो वह व्यक्ति आपसे रूपए, एक सीमित समय के लिए ब्याज पर लेता है. जिसमे आप उस व्यक्ति से ब्याज लेते है और उसे आपके उधार दिए गए रुपयों को उपयोग करने देते है .

ब्याज पर रूपए उधार देने में कोई बुरे नहीं है. लेकिन इस काम में जितना फायेदा है उतना नुकसान भी है. तो इसके लिए आपको सबसे पहले ब्याज के बिज़नेस के फायदे और नुकसान जान लेना चाहिए .

ब्याज पर पैसा देने के नियम

नियम 1:- संविदा अधिनियम 1872 के धारा 10 के अनुसार अगर आप किसी व्यक्ति को ब्याज पर पैसे देते हैं तो जिस व्यक्ति ने आपसे कर्ज लिया है. उस व्यक्ति से आपको लिखित में एग्रीमेंट ले लेना चाहिए. जिसमे कर्ज की राशी और कर्ज के रूप में रूपये लेने का मकसद, रूपये वापस करने का समय, तिथि और ब्याज दर आदि का स्पष्ट रूप से उल्लेख होना चाहिये.

नियम 2:- संविदा अधिनियम 1872 के धारा 11 के अनुसार आप जिस भी व्यक्ति को पैसा ब्याज पर देना चाहते हैं. वह व्यक्ति 18 वर्ष का होना अनिवार्य है. यदि कर्ज लेने वाला व्यक्ति नाबालिग 18 वर्ष से कम का पाया जाता है. तो आपका पैसा शून्य माना जाएगा तथा आप जिस भी व्यक्ति को ब्याज पर पैसा दे रहें हैं वह व्यक्ति नशे की हालत में नहीं होना चाहिए अन्यथा सरकार इसकी वसूली में आपकी कोई मदद नहीं करेगी.

नियम 3:- संविदा अधिनियम 1872 के धारा 23 के अनुसार अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति को पैसा देते हैं. जो की उस पैसे से कोई अवैध (गलत) काम करता है. तो ऐसी स्थिति में आपको भी उस अवैध काम में भागीदार माना जाएगा और इसके लिए आपको भी सजा दी जा सकता है.

Byaj Ka Business Kaise Kare

ब्याज पर पैसे देने का बिज़नेस एक फायदेमंद बिज़नेस है. इससे आप बिना कोई परेशानी के अपने पैसों से पैसे कमा सकते है. इसमें आपको कोई मेहनत करने की जरूरत नहीं होती और न ही इस बिज़नेस को करने में आपको कोई परेशानी का सामना करना पढता. इस बिज़नेस में आपने जिन लोगों को रूपए उधार देते है वह खुद आकर आपके पैसे ब्याज के साथ देकर जाते है. जहाँ ब्याज से आपकी कमाई होती है.

पहले के समय में आप बिना किसी कागज़ी कार्यवाही के लोगों को पैसे उधार दे सकते थे. लेकिन आज के समय में यह एक जोखिम का काम हो गया है. अगर आप इस समस्या में नहीं पड़ना चाहते हो तो आप कर्जदार को पैसे देने से पहले ही उनसे कुछ गिरवी रखवा ले. ताकि अगर कर्जदार की मौत हो जाये तो आप गिरवी रखी हुई चीज से अपने पैसों के नुकशान की भरपाई कर सके. इससे आपको ये फायदा हो जाएगा की आपको कभी ये डर नहीं होगा की आपके पैसे डूब गये.

गिरवी नामा कैसे लिखे

गिरवी नामा लिखना बहुत ही आसान है गिरवी नामे में आपको वह जानकारी देनी होती है जो जानकारी हम पैसों को गिरवी देने या लेके के वक्त बताते है. जैसे की किस व्यक्ति ने पैसे दिए उसका पूरा नाम, जिस व्यक्ति को पैसे दिए उसका पूरा नाम, व्यक्ति के पिता का पूरा नाम (लेने और देने वाले ) दोनों का. इसके बाद धन राशी जो दी जा रही है. उसपर लगने वाला ब्याज एवं धन राशी गिरवी लेने के बदले गिरवी राखी जाने वाली वास्तु का नाम और उसकी वर्तमान कीमत आदि. इसके साथ धन राशी कितने समय तक के लिए ब्याज पर ली जा रही है उसका विवरण.

इन जानकारी के आधार पर आप बढ़ी ही आसानी से गिरवी नाम बना सकते है इसके साथ ही हमने नीचे एक फोर्मेट दिया है जिसकी मदद से आप गिरवी नामा बाना सकते है.

Paise Udhar Dene Ka Agreement Format in Hindi

हम निम्नांकित व्यक्ति जो क्रमषः क ख आयु लगभग …………… सुपुत्र ………………………. उस धनराषि और सीमा तक ऋणदाता है जो इस पत्र के अंत में हमारे नामों के सामने लिखा है तथा हम अलग-अलग अपने-अपने ऋणों के सम्पूर्ण उन्मोचन ( Discharge) को स्वीकार करते हैं. जिसका प्रषमन …… पैसा प्रति रूपये की दर से किया जायगा तथा जिसकी अदायगी निम्नलिखित रीति से की जायगी.

(यहॉं अदायगी की षर्त या किस्तों का ब्योरा दीजिए)

उक्त विभिन्न अदायगियों तथा उनकी किस्तों की धनराषि के निमित्त ……. ……आयु…..वर्ष सुपुत्र…….निवासी…….का वचन पत्र ( Promissory note) ही प्रतिभूति ( Scurity) होगा. और उक्त किस्तों तथा रीति से प्रषमन की अदायगी हो जाने पर हम अलग-अलग इस बात का इकरार करते है कि उक्त क ख की प्रार्थना तथा उसके खर्च पर उसके पक्ष में अपने अपने सभी उक्त ऋणों और उक्त ऋणों से सम्बन्धित दावों मागों ( Demands) उपचारों ( Remedies) से सम्पूर्ण सम्मोचन ( Release) तथा उन्मोचन ( Discharge) कर देगें.

और यदि उक्त प्रषमन की हमारे द्वारा क्रमषः ऐसे सम्मोचन सम्बन्धी निश्पादन सम्बन्धी निश्पादन के पूर्व ही अदायगी कर दी जायगी तो उक्त प्रषमन की उपर्युक्त रीति से पूर्ण अदायगी और उक्त सम्मोचन तक के लिए यह पत्र हम पर बाध्य होगा और उक्त क ख के प्रति हमारे क्रमषः होने वाले ऋण तथा उस ऋण से संबंधित दावों तथा मांगों का तथा उक्त सारे ऋण की वसूली के हमारे सब अधिकारों तथा उपचारों का उन्मोचन करेगा और हमारे अलग-अलग के उक्त ऋणों के संबंध में हममें से
किसी के द्वारा उक्त क ख के विरूद्ध चलाए गये वाद के विरूद्ध इस पत्र के आधार पर अभिवचन ( Pleaded) किया जा सकेगा तथा उसको इसी रूप में प्रयुक्त किया जा सकेगा.

आज 20…………के………………..के दिन को………..पर दिनांकित किया गया है.

(हस्ताक्षरित)
1
2
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Byaj Par Paise Dene Ka Licence

ब्याज पर पैसे देना कोई आम बात नहीं है इसके लिए आपको पहले लाइसेंस लेने की जरुरत होती है जो आप पुलिस स्टेशन जाकर ले सकते हो या फिर आप इसके लिए कोर्ट जाकर लाइसेंस के लिए आवेदन दे सकते है.

कुछ ही दिनों में आपके पास लाइसेंस बन कर आ जायेगा. आप इसके लिए ये बात हमेशा ध्यान रखे की आप इन पैसों का टेक्स भरते रहे नहीं तो आपको इसके लिए बाद में भरी नुकशान उठाना पढ़ सकता है.

Byaj Par Paise Kaise De

ये जानना बहुत ही जरुरी है की आपको किन-किन लोगों को ब्याज पर पैसे उधार देना चाहिए. क्योकि इसमें ये जानना बहुत जरुरी होता है की आप जिस को ब्याज पर पैसे दे रहे हो वो आपको आपके पेसे वापस दे पायेगा की नहीं या फिर वो आपके रूपए कही लेकर भाग तो नहीं जायेगा.

इसके लिए आप सबसे पहले कर्जदार के पिछले लोगो से लिए हुए उधार को देख ले, आप ये जान ले की उसने पहले जितने भी लोगो से ब्याज पर पैसे लिए है वो टाइम पर लोटाये है या नहीं.

अगर नहीं लोटाये तो आप उसको पैसे न दे क्योकि अगर वो उसके पैसे नहीं दे पाया है तो वो आपके पैसे को कैसे लोटा पायेगा.

ब्याज पर पैसे कैसे दे और इसका बिज़नेस कैसे करे आप यह तो जान गए चलिए अब जानते है की अपने ब्याज पर पैसे देने के बिज़नेस को और कैसे बढ़ाये .

Byaj Se Paise Kaise Kamaye

ब्याज का बिज़नेस बढाने के लिए आपको ज्यादा परेशानी नहीं आएगी, इस बिज़नेस को बढ़ने के लिए आप जो पैसे ब्याज के आये उन्ही पैसे को वापस दुसरे लोगो को ब्याज पर दे दे, जिससे होगा ये की आपकी मूल राशी भी रहेगी  और आपके जो ब्याज के पैसे है वो भी मूल राशी में जुड़ जायेंगे और इसी तरह आपका बिज़नेस बहुत आगे बढ़ जायेगा.

यह एक ऐसा व्यापार है जिसे बढ़ाने के लिए आपको कोई मार्केटिंग करने की जरुरत नहीं होती बस आपको लोगों को पैसे देना शुरू करना है और आपका ब्याज का बिज़नेस अपने आप बढ़ता चला जायेगा.

उम्मीद है आपको हमरी यह पोस्ट ब्याज का धंधा कैसे करें और गिरवी नामा कैसे लिखे पसंद आई होती तो इसके बारे में लोगों को बताये जो ब्याज पर पैसे देना चाहते है और अगर कोई प्रिश्न हो तो comment कर सकते है.

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