सेंसेक्स क्या होता है, सेंसेक्स बढ़ने से क्या होता है, Sensex में Company कंपनी है

शेयर बाजार में म्यूच्यूअल फंड्स , इक्विटी मार्केट, कमोडिटी मार्केट निफ्टी के जैसे ही सेंसेक्स का बहुत नाम है. सेंसेक्स का नाम शेयर मार्केट में इसलिए सबसे ज्यादा है. क्योंकी यह स्टॉक मार्केट के उतर चढाव के बारे में बताता है. सेंसेक्स निफ्ट्री से पुराना है और यह निफ्टी से अलग भी है.

लेकिन यह भी मार्केट में हो रहे बद्लाबों को बताता है और आपको इसके बारे में विस्तार से जानकारी देता है. चलिए जानते है सेंसेक्स क्या होता है और सेंसेक्स बढ़ने से क्या होता है.

सेंसेक्स क्या होता है और सेंसेक्स बढ़ने से क्या होता है
सेंसेक्स क्या होता है और सेंसेक्स बढ़ने से क्या होता है

Sensex Kya Hota Hai

सेंसेक्स क्या होता है: सेंसेक्स “Stock Exchange” का सूचकांक “index” होता है, सेंसेक्स BSE (Bombay Stock Exchange) का सूचकांक यानि Index है. सेंसेक्स BSE स्टॉक एक्सचेंज में होने वाले उतर चढाव को बताता है. सेंसेक्स में BSE की Top 30 Company को Index किया जाता है जो की 13 अलग-अलग सेक्टर से चुनी जाती है.

यह Top 30 Company अपने सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनी होती है. जिनकी मार्केट में वैल्यू करोड़ों में होती है. सेंसेक्स भारत का सबसे पुराना स्टॉक इंडेक्स है लेकिन इसे NSE निफ्टी के बाद बनाया गया.

BSE के सूचकांक को 1986 में बनाया गया था और इसको “Sensitive Index” कहा गया जिसको छोटा करके इसका नाम Sensex रखा गया .

Sensex Kya Hai

सेंसेक्स क्या है: सेंसेक्स बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का एक इंडेक्स है. जिसके अन्दर केवल 30 Company लिस्ट होती है इसलिए इसे “BSE 30” भी कहा जाता है. BSE 30 और Sensex यह दोनों ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के इंडेक्स के नाम है. सेंसेक्स को स्टॉक एक्सचेंज की कमिटी बनती है. जिसमे BSE के 13 अलग सेक्टर से 30 Company को चुना जाता है.

यह 30 कंपनी इनके Share के लेन देन के आधार पर चुनी जाती है, जिसमे यह देखा जाता है की एक वर्ष में इन कंपनी के शेयर को कितना ख़रीदा व् बेचा गया.

BSE की स्टॉक एक्सचेंज में हजारों कंपनी लिस्टेड है तो सेंसेक्स को चुनने की यह प्रिक्रिया इसी प्रकार चलती रहती है और कई बार सेंसेक्स से कंपनी को निकला और जोड़ा जाता है. सेंसेक्स आपको BSE स्टॉक एक्सचेंज में हो रहे फायदे और नुकसान का एक प्रारूप देती है.

सेंसेक्स के अन्दर भारत की टॉप तीस कंपनी आती है जो की हमे भारतीय बाजार में हो रही मंदी का उछाल का संकेत देती है .

सेंसेक्स बढ़ने से क्या होता है

सेंसेक्स का बढ़ना 30 प्रमुख कंपनियों पर निर्भर करता है. जिसमे सभी कंपनी के शेयर की price को उनकी स्टार्ट प्राइस से तुलना करके देखा जाता है. अगर कंपनी के शेयर की price बढती है तो सेंसेक्स भी बढ़ता है और जब सेंसेक्स बढ़ता है तो वह व्यक्ति जिसने सेंसेक्स में पैसों को इन्वेस्ट किया था उसको profit होता है.

यह profit हजारों रूपए से लेकर लाखों रूपए का होता है. चुकी सेंसेक्स रोज बढ़ता है और घाटता है तो इसमें लोगों को फायदा और नुकसान दोनों होते है. लेकिन इसमें 30 कंपनी होती है तो लोगों को इसमें नुकसान कम होता है. जिस कारण से लोग सबसे ज्यादा पैसे सेंसेक्स पर ही लगते है.

सेंसेक्स में कितनी कंपनी है

सेंसेक्स का काम होता है की BSE (Bombay Stock Exchange) के अन्दर 13 अलग अलग सेक्टर की प्रमुख 30 कंपनी की लिस्ट बनाना. इस लिस्ट में प्रमुख 30 कंपनी के शेयर की प्राइस का आंकलन किया जाता है की किसकी प्राइस घटी और किसकी प्राइस बढ़ी.

सेंसेक्स की इस 30 प्रमुख कंपनी की लिस्ट में कंपनी जोड़ी और अलग की जाती रहती है क्योंकी इस लिस्ट में सिर्फ प्रमुख 30 कंपनी को शामिल किया जाता है.

जिसमे देखा जाता है की 1 वर्ष में किसी कंपनी के शेयर को कितना बेचा व् कितना खरीदा गया. इसी के आधार पर 30 प्रमुख कंपनी को शामिल किया जाता है और फिर उनके शेयर की प्राइस की गिनती करके यह तय किया जाता है की सेंसेक्स बढ़ा या घटा.

Sensex Calculation Kaise Kare

सेंसेक्स का कैलकुलेशन हमेशा उसकी प्रमुख 30 कंपनी के ऊपर निभर करता है. यहाँ सेंसेक्स की कैलकुलेशन उनकी कंपनी की ओपनिंग प्राइस से उसकी क्लोसेंग प्राइस को देख कर सेंसेक्स की कैलकुलेशन की जाती है. सेंसेक्स आपको BSE की पूरी एक्सचेंज में हो रहे उतर चड़ाव एवं स्टॉक एक्सचेंज में हो रहे बदलाब को दर्शा देती है.

Sensex Ke Fayde

सेंसेक्स के सबसे बड़ा फायदा यह है की इसमें देश की प्रमुख 30 कंपनी शामिल होती है. तो अगर सेंसेक्स में बढोती दिखाई देती है तो भारतीय कंपनी का भी विकाश होता है. इससे देश विदेश के लोग उस कंपनी में निवेश करते है और इससे कंपनी अपने आप को और बढाती है.

जिससे नौकरी और रोजगार में भी बढ़ोतरी होती है एवं कंपनी का उत्पादन बढ़ता है. जब भारत की कंपनी में विदेश का निवेश बढ़ता है तो चोजों की कीमत काम होती है क्योंकी निवेश से रूपये विदेशी मुद्रा से मजबूत होता है. सेंसेक्स में सिर्फ 30 कंपनी होती है तो इसका आकलन बहुत ही आसन होता है निफ्टी के मुकाबले में.

Difference Between Sensex and Nifty in Hindi
  • सेंसेक्स की शुरुआत 1986 में हुई लेकिन निफ्टी की शुरआत 1994 में हुई.
  • सेसेक्स BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) का सूचकांक है लेकिन निफ्टी NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) का सूचकांक है.
  • निफ्टी में 50 प्रमुख कम्पनी लिस्ट होती है लेकिन सेंसेक्स में सिर्फ 30 प्रमुख कंपनी को लिस्ट किया जाता है.
  • सेंसेक्स का बसे वैल्यू 100 है.
  • निफ्टी का बसे वैल्यू 1000 है.
Sensex Full Form in Hindi

Sensex Full Form in Hindi “संवेदनशील सूचकांक” यह Sensex का Hindi Full Form है, संवेदनशील सूचकांक को शॉर्ट में सेंसेक्स कहते है.

Sensex Meaning in Hindi

Sensex Meaning in Hindi : इसका मतलब  हिंदी में कुछ नहीं होता क्योंकी इसे English के दो शब्दों को मिलाकर बनाया गया है Sensex को “sensitive” और “index” इन दोनों शब्दों को मिलाकर बनाया गया है. इस लिए हम हिंदी में भी सेंसेक्स ही कहेंगे. लेकिन सेंसेक्स शब्द का मतलब संवेदनशील सूचकांक होगा.

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