GST क्या है – जी एस टी कितने प्रकार कि होती है- CGST ,SGST, IGST की जानकारी

किसी भी सामान को खरीदने या बेचते समय GST के बारे में हम सुनते है कि जीएसटी लगता है, आपको जीएसटी देना और लेना पड़ता है लेकिन क्या अपने सोचा कि ऐसा क्यों है ?, क्योंकि पहले तो किस इभी चीज़ को खरीदने और बेचने पर सिर्फ टैक्स लगता था जीएसटी नहीं .

तो अब जीएसटी क्यों लगने लगा ?, यह जानने के लिए हम जीएसटीइ को पूरी तरह से समझना होगा तो चलिए सबसे पहले शब्द के बारे में जानते है .

gst kya hai
GST क्या है – जी एस टी कितने प्रकार कि होती है- CGST ,SGST, IGST क्या है

GST Kya Hoti Hai

जीएसटी एक प्रकार का टैक्स है, जिसमे आपको एक ही टैक्स देना होता है,जब हम किसी प्रोडक्ट या सर्विस को खरीदते है तो हमे जीएसटी देना होता है इस टैक्स को 1 जुलाई 2017 को लागु किया गया था.

जीएसटी कि सबसे बड़ी विशेषता यह है कि किसी भी सामान या सेवाओ पर इसका रेट पुरे देश में एक जेसा होता है यानी देश के किसी भी कोने में मौजूद कन्सुमर को उस वस्तु पर एक जेसा ही टैक्स देना होता है

GST Kitne Prakar Ke Hote Hai

GST के 3 प्रकार होते है जिनका उपयोग Goods and services पर लगाने के लिए किया जता है. यह तीन Tax ही GST के लगाये जाते है. इन तीन GST के बारे में हम नीचे विस्तार में पढेंगे.

  • CGST
  • SGST
  • IGST

CGST Kya Hai

Central Goods and Service Tax जब किसी वस्तुओ या सेवाओ की राज्य के भीतर ही आपूर्ति होती है, तो इस स्थिति में यह टैक्स केंद्र सरकार को देना होता है जिसे हम CGST कहते है.

यानी कि अगर कोई व्यापारी अपने ही राज्य के किसी दुसरे व्यापारी से वस्तुओ या सेवाओ की खरीदारी करता है, तो इस सोदे पर उसे भारत सरकार को CGST चुकाना होगा.

SGST Kya Hai

State Goods and Service Tax जब किसी वस्तुओ या सेवाओ की राज्य के भीतर ही आपूर्ति होती है, तो इस स्थिति में यह टैक्स राज्य सरकार को देना होता है जिसे हम SGST कहते है.

यानी कि अगर कोई व्यापारी अपने ही राज्य के किसी दुसरे व्यापारी से वस्तुओ या सेवाओ की खरीदारी करता है, तो इस सोदे पर उसे राज्य सरकार को SGST चुकाना होगा.

IGST Kya Hai

Integrated Goods and Service Tax जब दो अलग-अलग राज्यों के व्यापारियों या कारोबारियों के बीच कोई सोदा होता है, तो इस पर सिर्फ एकीकृत जीएसटी यानी कि integrated GST (IGST) लगेगा . यह दरअसल CGST और SGST, दोनों के बराबर का टैक्स होता है इसे सिर्फ केंद्र सरकार को चुकाना होता है.

हलाकि (IGST) केंद्र सरकार के पास जमा होने के बाद यह दो बराबर भागों में Central और State Government को मिल जाता है, यानी कि IGST की वसूली का अधिकार अकेले केंद्र के पास होता है, जबकि प्राप्ति केंद्र और राज्य दोनों को बराबर-बराबर होती है| किसी दुसरे देश से माल या सेवा के लेन-देन वाले सोदे भी IGST के दायरे में ही आते है|

GST Return Kya Hota Hai

जीएसटी सिस्टम में कारोबारियों के व्यवसाय पर नजर रखने के लिए निगरानी के तमाम स्टेप्स बनाये गए है . हर महीने कि कुल बिक्री,खरीदारी और टैक्स देनदारी को लेकर विवरण सरकार के पास पहुंचेगा और  ये सारे विवरण ऑनलाइन होंगे.

सोदों के सही मिलान होने पर ही पहले के चरणों में जमा किया गया GST टैक्स क्रेडिट के माध्यम से वापस होगा, जो टैक्स हमे वापस होता है, उसे हम GST Return कहते है|

GST Kaise Bhare

GST return भरने के कई तरीके है लेकिन यह सब तरीके आपके व्यापार और लेनदेन पर कि गई कमाई पर निभर करते है . GST return को भरने के लिए अलग-अलग जीएसटी फाइल करनी पढ़ती है .

GSTR1 Kya Hai

GSTR1, व्यवसायियों को महीने भर कि बिक्री का स्टेटमेंट अगले महीने कि 11 तारीख तक दाखिल करना होता है. हलाकि, 1.5 करोड़ रूपए से कम सालाना बिक्री वाले कारोबारियों का यह रिटर्न हर महीने नही भरना पड़ता, वे हर तिमाही में यह रिटर्न दाखिल कर सकते है|

GSTR2 Kya Hai

GSTR2, खुद की महीने भर की खरीदारी का विवरण देने के लिए यह रिटर्न था फ़िलहाल इसे स्थगित रखा गया है|

GSTR 2A Kya Hai

GSTR-2A एक स्व:-जनित statement  है, जिसमे GSTR-1 में आपके Supplier द्वारा की गई सभी आवक आपूर्ति की द्रश्यता प्राप्तकर्ताओ को उपलब्ध कराई गई है. विवरण portal  में Return जमा करने पर उपलब्ध कर GSTR-1 के विवरण के अलावा,GSTR-5 ( अनिवासी कर योग्य व्यक्ति से आपूर्ति), GSTR-6, GSTR-7 और GSTR-8 भी स्व:-जनित किया जाएगा.

GSTR 3 Kya Hai

GSTR3, समस्त खरीदारियो और बिक्रियो के विवरण के साथ-साथ चुकाए गए टैक्स का ब्यौरा इसमें देना होता था पर फ़िलहाल इसे भी स्थगित रखा गया है.

GSTR3B Kya Hai

GSTR3B, शुरुआती वर्षों में जीएसटीआर 3 लागू नहीं किया गया था, उसके विकल्प के रूप में सरकार ने एक छोटा फार्म GSTR-3B जारी किया है.

एस रिटर्न में मासिक खरीदारियो और बिक्रियो का विवरण और चुकाए गए टैक्स की जानकारी संझेप में देना होता है. सरकार ने इसे शुरुआती कुछ समय के लिए ही जारी किया है.

GST Kis Prakar Ka Kar Hai

जब भी आप किसी Product को खरीदते है या कोई service लेते है तो उन सब पर एक tax लगाया जाता है. इस तरह के tax को Goods and Service Tax कहते है. जिसको हम short में GST कहते है.

GST सभी प्रकार की वस्तुओं और सेवाओं पर लगने वाला tax है जिसे ग्राहकों से लिया जाता है इसके साथ ही ग्राहकों द्वारा लिया गया यह tax व्यापारिओं को सरकार को भरना पढता है.

GST Number Kaise Le

GST Number लेना बहुत ही आसान है आप अपने व्यापार के नाम पर GST ले सकते है इसके लिए आप GST के portal पर online आवेदन कर सकत है.

ठीक इसी के साथ ही जब आप online आवेदन करे और अपने व्यापार का नाम चुने तो इस बात का जरुर ध्यान दे की इस GST में दिया जाने वाला नाम सही हो क्योंकी एक बार आपका GST जिस नाम से बन जायेगा.

आपको भविष्य में उसी नाम से व्यापार करना होगा एवं ठीक उसी नाम का Gumasta (Shop License) बनवाना होता ठीक इसी के साथ उसी नाम का आपको Current account खुलवाना होगा.

GST Number apply करने के लिए नीचे दिए गए button पर click करे और अपना GST number प्राप्त करे.

GST-FAQ
GST Ki Full Form Kya Hai

GST का full form (Goods and Service Tax) होता है.

IGST Ka Full Form

IGST का full फॉर्म (Integrated Goods & Services Tax) होता है.

GST Kitne Prakar Ke Hote Hain

IGST, SGST, CGST यह GST के तीन प्रकार होते है.

GST Ka Pura Naam

GST का पूरा नाम गुड्स और सर्विस टैक्स होता है.

GST Kab Lagu Hua Tha

GST 01-July-2017 को लागु हुआ था.

GST Ka Matlab

GST का मतलब एक वस्तुओं और सेवाओं पर लगने वाला कर होता है.

अब आप GST के बारे में अच्छी तरह से जान गए है. आपको हमारी यह पोस्ट GST Kya Hai – GST Kitne Prakar Ke Hote Hai अगर अच्छी लगी तो लोगों के साथ इसे शेयर करे . अगर आपके मन में कोई सवाल है तो message बटन को दावा कर पूछ सकते है .

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